असर होता नहीं तुझपे हकीमों की दवाओं के खुदा पर रख भरोसा तू असर होंगे दुआओं के   तुम्हें खुश देखना चाहूँ हमेशा,हर घड़ी हर पल तुम्हारे सर न आने दूँ कभी साया बलाओं के   करें घपला हमेशा ही रहें सरकार में जो भी सजा निर्दोष भुगतेंगे सदा उनकी खताओं के   गरीबों का सदा हक़ छीनते हो क्यूँ भला तुम यूँ सजा देंगे हमेशा ही तुम्हें वो बददुआओं के   रहो देते सदा ही मान अपने वालिदों को तुम तुम्हीं तो हो चिरागां अब सदा बूढ़ी निगाहों के