सिद्धार्थ गौतम को 

गौतम बुद्ध बनना

ज्यादा आसान लगा होगा

शायद इसीलिए कायर की भांति

रात के अंधेरे में सोते हुए अपने

अबोध बेटे और पत्नी को 

दुख का चिरस्थायी बंधन बता

भाग निकले थे।


तप के लिए सांसारिक बंधन का

त्याग करने वाले सिद्धार्थ को

शायद ज्ञात नहीं होगा कि

गृहस्थ से बड़ा कोई

तपोवन नहीं।


तथागत को शायद इस बात का

भान नहीं हुआ होगा कि दाम्पत्य के भग्न अवशेष पर

यशोधरा ने बमुश्किल 

शांत की होगी अपने बेटे की हर जिज्ञासा।


पर यशोधरा नहीं बता पायी होगी

अपने बेटे को कि उसके पिता 

जीवन की चुनौतियों के समक्ष

कर दिए थे आत्मसमर्पण।


#नीलू_चौधरी