दिल में क्यूँ अरमान नहीं है जीवन सुर औ तान नहीं है   बेटी छोड़ी बाबा का घर पी के घर में मान नहीं है   भोले भाले समझे जाते बच्चे अब नादान नहीं है   छोड़े हैं वो माँ बाप को दिल में क्यूँ सम्मान नहीं है   डर डर कर यूँ जीना छोड़ो धरती पर शैतान नहीं है   डरते हो तुम यमराजों से जीना भी आसान नहीं है