
काफी समय से बुरे दिनों को
झेलते-झेलते थकी हुई मैं
हैरान,परेशान....
जन्मकुण्डली ले पहुँची पंडित जी के पास
दक्षिणा स्वरुप मोटी रकम
देने के बाद ही
पंडित जी के हाथ पहुँची
मेरी जन्मकुंडली
कुछ क्षण मुस्कुराते हुए
पंडित जी मुँह खोले...
अहोभाग्य यजमान!
बस एक ही महीना करना है इन्तजार
फिर अच्छे दिन रहेंगे लगातार
मेर
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