पैसे का ही मान बढ़ा है मोल न रिश्ते का होता है   माँ तेरे तो खर्च बड़े हैं बेटा अब माँ से कहता है   बीबी घर का काम न करती घर तो नौकर से चलता है   वो रहती है मोबाइल पर कहती चल बाहर खाना है   घर को घर अब कैसे कह दें घर तो आभासी दुनिया है