ये पेहलि बार है, की ईद पे तू दूर है.
लॉकडाउन है, हम बड़े मजबूर है.
दूआएँ है तेरी, पर सर छूता हाथ नही.
आज ईद की सेंवईयों में वो सवाद नही.
दुआ करे मिलकर, अच्छे दिन फिर से आएँगे.
इंशाअल्लाह अगली हर ईद माँ हम साथ मनाएँगे.
-आफरीन शेख़ /@AfrinNazms


ये पेहलि बार है, की ईद पे तू दूर है.
लॉकडाउन है, हम बड़े मजबूर है.
दूआएँ है तेरी, पर सर छूता हाथ नही.
आज ईद की सेंवईयों में वो सवाद नही.
दुआ करे मिलकर, अच्छे दिन फिर से आएँगे.
इंशाअल्लाह अगली हर ईद माँ हम साथ मनाएँगे.
-आफरीन शेख़ /@AfrinNazms