हुआ इक धमाका,
मेरी रूह सेहेम गई.
न धड़का मेरा दिल, मेरी साँस थम गई.
न अफ़सोस करना, जो मैं घर ना आया.
जाना था मुझको, खुदा ने बुलाया.
ना रोना बिलखके, के मैं अब नही हूँ,
है सुकून उम्र भर का, की जन्नत में मैं हूँ.
-आफरीन शेख़ /@AfrinNazms


हुआ इक धमाका,
मेरी रूह सेहेम गई.
न धड़का मेरा दिल, मेरी साँस थम गई.
न अफ़सोस करना, जो मैं घर ना आया.
जाना था मुझको, खुदा ने बुलाया.
ना रोना बिलखके, के मैं अब नही हूँ,
है सुकून उम्र भर का, की जन्नत में मैं हूँ.
-आफरीन शेख़ /@AfrinNazms