कुछ परिंदों ने आसमानो को छुआ है चलो कुछ में अब भी उड़ान बाकी है आँखों मे ख़ाब और सीने में बैचेनी है चलो कुछ में अब भी अरमान बाकी है कुछ लड़ रहे है और कोई तो ख़िलाफ़ है चलो कुछ में अब भी ज़बान बाकी है कुछ मिलते है ख़ुशदिल और मुस्कुराते है चलो कुछ में अब भी जान बाकी है वो याद शुख़ में नही मेरे दुख में भी करते है चलो कुछ में अब भी इंसान बाकी है कोई तो दामन औकात देखकर नही थामता है चलो कुछ में अब भी ख़ानदान बाकी है @hindikadeewana