रंगों की बहार हैं हर तरफ सज़ा बाज़ार हैं कही पिचकारी तो कही ग़ुलाल हर रंग अपने मे है कमाल   कोई रंग दिल की बात कहता है कोई रंग दिल के पास रहता है कोई रंग आस का कोई रंग किसी ख़ास का रंगों का खेल इस क़दर हो खुशियाँ हर तरफ हो रंग चढ़े सबपे दोस्ती का प्यार का टूटे न सिलसिला मिलाप का इस होली सब कुछ बदलने वाला है क्योंकि इंसान-इंसान से मिलने वाला है