कुछ लोग बैठे हैं रोड पर ,लगा जाम है
देखो देश का अन्नदाता कितना परेशान है
है वही महँगा बिकता यहाँ पर
जिसकी अपनी अलग पहचान है
यहा सिर्फ झूठ ही बिकता है
ऊंची दुकान फीका पकवान है
लड़ रहा है आदमी सरकारों के चक्कर मे
क्या आपके पास न ही दिमाग न ही कान है
नही चाहिए मन्दिर मस्जिद न चाहिए कोई मूरत
ये बेरोजगारी बना रही सबको हैवान है
है स्वच्छ भारत की इतनी चर्चा
मेरे घर के बाहर समझा कूड़ेदान है
आप भी जानते हो क्या चल रहा है देश मे
फिर क्यों बने फिरते अनजान हो


