क्या खूबसूरत वो मंज़र होगा,खबर न थी के तेरा दिल बंजर होगा,सुर्ख बहता रहा मेरी आंखों से,जब दर्द बढ़ी तो महसूस हुआ,शायद पीठ पर मेरे खंजर होगा....