जो होश में लाना पड़े,इतने बेहोश भी अब मत रहो,जय हिंद की जयकार में,मदहोश तुम तब तक रहो,सिर झुक न जाए दुश्मनों का,सरहद पे तुम तब तक रहो...
जो होश में लाना पड़े,इतने बेहोश भी अब मत रहो,
जय हिंद की जयकार में,मदहोश तुम तब तक रहो,
सिर झुक न जाए दुश्मनों का,सरहद पे तुम तब तक रहो...