आई आज एक सुबह सुहानी, निकला बाहर मैं भरने पानी।
देखा मैंने एक नज़ारा लगा जो मुझे बहुत प्यारा।
मेरे सामने थी... धौलाधार किया था उसने बर्फ से श्रृंगार
लग रही थी मानो वो कोई दुल्हन मैंने कहा, साथी सुन.....
दिल मेरा कोई ले गई यार
उसने कहा कौन ?
मैंने कहा...
धौलाधार।
धौलाधार।
धौलाधार।
~ नवीन 'अनजान '

