उम्मीद रखकर आदमी सेशिकायत की भगवान से!चूक बस एक यही हो गईज़माने में नादां इन्सान से!
उम्मीद रखकर आदमी सेशिकायत की भगवान से!
चूक बस एक यही हो गईज़माने में नादां इन्सान से!