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हंगामा


समन्दर हैं बादल और हवा हैइस ज़मीं पर आस्माँ झुका हैगर येह जग सल्तनते-खुदा हैक्यूँ इस क़दर हंगामा बरपा हैएन आर कस्वाँ

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