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फ़र्दियत


अपने राब्तों से जैसे-जैसे मुख़ालिफ़त बढने लगी है,फ़र्दियत मिरे किरदार की और भी निखरने लगी है!

हैं काबिल-ए-एहतराम येह नाम-निहाद अहबाब मिरे,इनकी रक़ाबतों के सबब मिरी जात संवलने लगी है!

— डॉ.एन.आर.कस्वाँ
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