अपने राब्तों से जैसे-जैसे मुख़ालिफ़त बढने लगी है,फ़र्दियत मिरे किरदार की और भी निखरने लगी है!हैं काबिल-ए-एहतराम येह नाम-निहाद अहबाब मिरे,इनकी रक़ाबतों के सबब मिरी जात संवलने लगी है!
अपने राब्तों से जैसे-जैसे मुख़ालिफ़त बढने लगी है,फ़र्दियत मिरे किरदार की और भी निखरने लगी है!
हैं काबिल-ए-एहतराम येह नाम-निहाद अहबाब मिरे,इनकी रक़ाबतों के सबब मिरी जात संवलने लगी है!