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दस्तयाब


हर वक़्त दस्तयाब रहकर कहते हो कि यहाँ क़दर नही होतीमुसलसल मौजूद रहने वालों की किसी को ख़बर नहीं होती!

— डॉ. एन. आर. कस्वाँ
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