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चमन में बहारों का आनाजाना था

Nathuram KaswanNathuram Kaswan April 27, 2023
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क्या कहानी थी क्या फ़साना था

कभी वो भी बशर एक ज़माना था,

होती थी हरसू बिखरी हुई ख़ुशबू

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