अच्छा सोचो तो अच्छा औरभी बेहतर हो जाता हैअगर बुरा सोचो तो बुरा औरभी बदतर हो जाता हैकहा-सुनी से नहीं खुदसे ही खुदकी सोच बनती हैअसर रोज-रोज कहा-सुनी का बेअसर हो जाता हैएन आर कस्वाँ