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औढरदानी


आप शायद भूल गए कलतक जिसकी शिद्दत से तलाश थीआज जो शय हासिल है कल तक कब आप के पास थी!शुक्रकरो उस देनेवाले दयाशंकर कृपानिधान ओढरदानी काकि आपको वो सब मिल गया जिसको पाने की आस थी!एन. आर. कस्वाँ

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