Poetry 1 min read 126.6K reads

अक़्लमंद


ज़हालत नहीं है सबब किसी बड़े नुकसान काअक़्लमंद होने का वहम है दुश्मन इन्सान का!

— डॉ एन आर कस्वाँ
Read more Earn more Learn more