उम्मीद 


देख मुश्किलें राह में, तु कभी निराश होना नहीं....

बढ़ता चला जा आगे, उम्मीद अपनी खोना नहीं....


जो दरख़्त कभी बड़े होकर दें सिर्फ़ काँटे ही काँटे...

नासमझी में अपनी बीज उनके कभी बोना नहीं.....


तोड़ दे वो बंदिशें सारी आए अगर जो तेरी राह में.....

है हौसला तुझमें बड़ा, बेबसी पे अपनी रोना नहीं....


मेहनत से अपनी हरदम यहाँ आगे बढ़ना है तुझे.....

नाकारा की हो इज़्ज़त, ऐसा तो कोई कोना नहीं....


सफ़र में तेरे आराम के कई दिलकश मक़ाम आयेंगे.....

पर मंज़िल पे अपनी पहुँचने तक चैन से सोना नहीं....


- नरेश कुशवाहा