तेरा इंतज़ार...........



मिलने को तुझसे जीयरा बेकरार हैं......

ओ साथी मेरे, मुझे तेरा इंतज़ार हैं.......

सुन ले तू दिल की जो ये पुकार हैं.......

ओ साथी मेरे, मुझे तेरा इंतज़ार हैं.......


तेरा इंतज़ार हैं...... तेरा इंतज़ार हैं........


फूल सभी खिल गए, मुस्कुरा रहीं हैं कलियां......         

ढूंढ रही हैं नज़रें तुझको, देख रहीं हैं गलियां.....

मुहब्बत का तुझ से ही इक्ररार हैं......

ओ साथी मेरे, मुझे तेरा इंतज़ार हैं.......


सपनें ये मेरे सारे, तुझ से मिलने के हैं सहारे.......

छा गया हैं नशा तेरा, अच्छे लग रहे हैं नज़ारे........

चाहत को ख़ता का ये इज़हार हैं.......

ओ साथी मेरे, मुझे तेरा इंतज़ार हैं......


मन में बसीं तेरी यादें, बन के उम्मीदें समाईं........

ख़यालो से तेरे, हमने अपनी आरज़ूएं सजाईं.......

हमें लगता झूठा ये तेरा इन्कार हैं........

ओ साथी मेरे, मुझे तेरा इंतज़ार हैं......


मिलने को तुझसे जीयरा बेकरार हैं......

ओ साथी मेरे, मुझे तेरा इंतज़ार हैं.......

सुन ले तू दिल की जो ये पुकार हैं.......

ओ साथी मेरे, मुझे तेरा इंतज़ार हैं.......


तेरा इंतज़ार हैं...... तेरा इंतज़ार हैं........



- नरेश कुशवाहा