होली


रंगों के बहते तरल में,

जज़्बातों ने ख़ुशी घोली है...

आज मना रहे सब होली है....


कब से थे बंद दरवाज़े, 

उम्मीदों ने खिड़की खोली है...

आज मना रहे सब होली है...


बीता बचपन बोल रहा, 

खाकर शरारत की गोली है...

आज मना रहे सब होली है...


भीग रहा मन किसी का, 

जो भीग रही रंगों से चोली है...

आज मना रहे सब होली है....


भूल गए अपने ग़म सारे, 

खोल दी उमंगों की झोली है...

आज मना रहे सब होली है....


बचा के रखना दामन ज़रा, 

आ रही मस्तानों की टोली है....

आज मना रहे सब होली है....


तू भी हो जा शामिल इसमें, 

हसीन हसरत ये जो डोली है...

आज मना रहे सब होली है....


सुन ले ज़रा तू सुकून से, 

मन बोले प्यार वाली बोली है....

आज मना रहे सब होली है....


मौसम का नशा छा गया, 

यूँ तो मासूम शक्ल ये भोली है...

आज मना रहे सब होली है...


रंगों के बहते तरल में,

जज़्बातों ने ख़ुशी घोली है...

आज मना रहे सब होली है....


- नरेश कुशवाहा