" काजल "
रहे पलकों में सदा, ये रूप निखर जाए.......
इश्क़ मेरा नादां, तेरा काजल बन जाए........
काजल बन जाए... तेरा रूप निखर जाए....
रूप निखर जाए.... तेरा काजल बन जाए.....
जच रहा बड़ा प्यारा, ये जो तेरा लिबास हैं.....
रंग खुशियों के सारे इनमें समाए खास हैं......
चाहत मेरी तेरा आंचल बन जाए.......
इश्क़ मेरा नादां, तेरा काजल बन जाए........
मन को मेरे लुभाए, मस्तानी तेरी चाल हैं.......
चले तू धीरे-धीरे, करे दिल का बुरा हाल हैं........
मुहब्बत मेरी तेरी पायल बन जाए........
इश्क़ मेरा नादां, तेरा काजल बन जाए........
मुझ पे बिजली गिराए कातिल तेरी नज़रें हैं........
तू बरखा हुस्न की, भीगे लहू के सारे कतरें हैं.........
प्यार मेरा तेरा बादल बन जाए........
इश्क़ मेरा नादां, तेरा काजल बन जाए........
रहे नज़रों में सदा, ये रूप निखर जाए.......
इश्क़ मेरा नादां, तेरा काजल बन जाए........
काजल बन जाए... तेरा रूप निखर जाए....
रूप निखर जाए.... तेरा काजल बन जाए.....
- नरेश कुशवाहा


