पहले था अश्कबार आज भी है
दिल मेरा सोगवार आज भी है
मैं नहीं हूँ किसी भी लायक़ पर
आपको एतिबार आज भी है
जो था पहले वही है रिशत-ए-दिल
प्यार वो बे शुमार आज भी है
इश्क़ आँखें बिछाए बैठा है
आपका इन्तिज़ार आज भी है
लाख दुनिया ने तोडना चाहा
दिल से दिल का क़रार आज भी है