हुस्न को छुपा कर रख
तू इसे बचा कर रख
अक्स है मेरा इनमे
आँखों को झुका कर रख
इश्क़ है अगर तुझको
आरज़ू दबा कर रख
ज़िन्दगी का मारा हूँ
सीने से लगा कर रख
रौशनी मिले सबको
इक दिया जला कर रख
हुस्न को छुपा कर रख
तू इसे बचा कर रख
अक्स है मेरा इनमे
आँखों को झुका कर रख
इश्क़ है अगर तुझको
आरज़ू दबा कर रख
ज़िन्दगी का मारा हूँ
सीने से लगा कर रख
रौशनी मिले सबको
इक दिया जला कर रख
©संतोष खिरवड़कर
