नाराज होने के लिए,कोई अपना ढूँढ़ रहा हूँ।कोई मनाये मुझे भी,ये बहाना ढूँढ़ रहा हूँ।बड़े हुए तो बरसों हो गए,मैं आज भी खुद में,बचपना ढूँढ़ रहा हूँ।।