नाराज होने के लिए,
कोई अपना ढूँढ़ रहा हूँ।
कोई मनाये मुझे भी,
ये बहाना ढूँढ़ रहा हूँ।
बड़े हुए तो बरसों हो गए,
मैं आज भी खुद में,
बचपना ढूँढ़ रहा हूँ।।
- नंदसाय यादव


नाराज होने के लिए,
कोई अपना ढूँढ़ रहा हूँ।
कोई मनाये मुझे भी,
ये बहाना ढूँढ़ रहा हूँ।
बड़े हुए तो बरसों हो गए,
मैं आज भी खुद में,
बचपना ढूँढ़ रहा हूँ।।
- नंदसाय यादव