दिनवह याद दिलाती हैमिठास की,मस्ती कीशोरढोर मचाती दिनइक साथ जश्न मनाते दिनवह दिनहरगिज़ ना लौटेगासमय खाकेदुख, दर्द को मसोसकेबनी रही...