इस दर्द को तू संभाले जा,
इस दर्द को तू भुलाए जा,
इस दर्द से खुदको तू,
कुछ बेहतरीन सिखाए जा...क्यूंकि यह दर्द बहुत अच्छा है...।
यह दर्द है यू.पी.एस.सी का,
यह दर्द है सिविल सर्विसेस का,
बस खुदको इसमें सिमटकर,
बुलंदी को तू पाए जा...क्यूंकि यह दर्द बहुत अच्छा है...।।
तैयारी कर तू पूरे जोश से,
रहकर तू पूरे होश में,
सफलता बडी मिलेगी तुजे,
क़दमों पर तेरे चूमेगी तूजे,
बस हारना मत तुम अंत तक,
डटे रहना तुम अंतिम तक,
बस सहते जाओ तुम इस दर्द को...क्यूंकि यह दर्द बहुत अच्छा है।।
- नंदन त्रिवेदी " भूतेश्वर "

