छुपा के रखो तुम्हारी इन आंखो को,
बहुत ही शातिर निशाना यह लगाती है...
बंदूक की गोली से भी तेज है तुम्हारी यह आंखे,
सीधा दिल पर वार करती है...
- नंदन त्रिवेदी "भूतेश्वर"


छुपा के रखो तुम्हारी इन आंखो को,
बहुत ही शातिर निशाना यह लगाती है...
बंदूक की गोली से भी तेज है तुम्हारी यह आंखे,
सीधा दिल पर वार करती है...
- नंदन त्रिवेदी "भूतेश्वर"