कड़वा चौथ's image
Share0 Bookmarks 10266 Reads0 Likes

उसने हाथों में मेहंदी सजाई

माथे पर बिंदिया लगाई

रोम रोम पुलकित था उसका

अंग अंग में खुशी समाई


चोटी में फूल लगाया था

उर में आनंद समाया था

पिया मिलन की आस लिए

करवे का थाल सजाया था


आहट होती हल्की सी भी

वो दुल्हन सी शर्मा जाती

पिया द्वार पर आ पहुंचे

सोच,धड़कती थी छाती


वो पल भी आ ही

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts