रूठी हुई जिंदगी को, फिर से कैसे मनाऊं..?
टूटे हुए दिल को, फिर से कैसे धड़काऊ..?
जिस्म क्या रूह भी तेरे नाम की थी मैंने...
बता तेरी इस बेवफाई को, फिर से कैसे सह जाऊं..?


रूठी हुई जिंदगी को, फिर से कैसे मनाऊं..?
टूटे हुए दिल को, फिर से कैसे धड़काऊ..?
जिस्म क्या रूह भी तेरे नाम की थी मैंने...
बता तेरी इस बेवफाई को, फिर से कैसे सह जाऊं..?