कुछ तो नशा है उनकी बातों में,

ऐसे ही नहीं हमारे होश उड़ जाते हैं...

जिस दिन बात होती है उनसे,

बिना जाम के ही मदहोश हो जाते हैं...


वो अपनी बातों का इतना नशा चढ़ा देती,

कि हम जाम को ही भूल जाते हैं...

और जिस दिन बात नहीं होती उनसे,

फिर उस दिन हम महखाने में नज़र आते हैं...


-नैना कौर / @NainaKaur1101