ख्वाब की ख्वाहिश में, हकीकत को भुला बैठे...

गैरों की ख्वाहिश में, अपनों को गवा बैठे...

कल की ख्वाहिश में, आज को मिटा बैठे...

बस ऐसे ही हम, अपनी ज़िंदगी को लुटा बैठे...


-नैना कौर / @NainaKaur1101