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कई चेहरों के पीछे छिपा एक चेहरा हूँ मैं

मत जाना मेरे होठों की मुस्कुराहट पर,

कई गम छुपाए हैं इस हसी में...


यूं तो मैं बोलती बहुत हूँ,

पर कई दर्द छुपाए हैं इन लफ्ज़ो में...


यूं तो मैं खुली किताब हूँ,

पर कई राज़ छुपाए हैं इस दिल में...


यूं तो एक ही रंग हैं म

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