जिसे गुमान था खुद के दाम पर,आज कौड़ी के भाव बिक रहा है...इश्क की कीमत अब कहा रही ,बस दिखावे के भाव बिक रहा है...
जिसे गुमान था खुद के दाम पर,आज कौड़ी के भाव बिक रहा है...
इश्क की कीमत अब कहा रही ,बस दिखावे के भाव बिक रहा है...