हमारी मोहब्बत के चर्चे जो सुर्खरू हुए...
तब लोग भी हमारी दास्ताँ से रूबरू हुए...
हर जुबां पर बस हमारा ही जिक्र था...
कि किस कदर हम हिज्र-ए-महबूब में मजनू हुए...
-नैना कौर


हमारी मोहब्बत के चर्चे जो सुर्खरू हुए...
तब लोग भी हमारी दास्ताँ से रूबरू हुए...
हर जुबां पर बस हमारा ही जिक्र था...
कि किस कदर हम हिज्र-ए-महबूब में मजनू हुए...
-नैना कौर