गिरकर जमीन पर, उठ तो गए...
लंगड़ाकर ही सही, चल तो गए...
मंजिल से फासला जरूर है,
मगर डर नहीं,
कि कब पहुँचेंगे...
क्योंकि,
हौसला मेरा उन से बुलंद हुआ है...
जो बिन पाव ही मंजिल तक पहुँच गए...
-नैना कौर / @NainaKaur1101


गिरकर जमीन पर, उठ तो गए...
लंगड़ाकर ही सही, चल तो गए...
मंजिल से फासला जरूर है,
मगर डर नहीं,
कि कब पहुँचेंगे...
क्योंकि,
हौसला मेरा उन से बुलंद हुआ है...
जो बिन पाव ही मंजिल तक पहुँच गए...
-नैना कौर / @NainaKaur1101