होकर इस बेदर्दी दुनिया से गुमनाम,

जाना चाहती हूँ मैं एक ऐसे जहान...

कद्र होती हो जहां सबके जज़्बातों की,

और इंसानियत ना होती हो बदनाम...


-नैना कौर