सजा जो तेरे इश्क ने मुकर्रर की थी... पूरी हो गई हो तो आज़ाद कर दो मुझे...वजा जो तूने गिरफ्तारी की दी थी... झूठी हो गई हो तो आज़ाद कर दो मुझे...