अब जमने थोड़ा लगा हूँ, धूप आने पर पिघलता नहीं...

कठिन राहों पर डटा हूँ, ठोकर लगने पर गिरता नहीं...

अब तूफानों से लड़ जाता हूँ, झोंकों से डगमगाता नहीं...

हौसला लिए चल रहा हूँ, अब जगह-जगह रुक जाता नहीं...


-नैना कौर / @NainaKaur1101