तबियत मेरा कुछ बिगड़ा बिगड़ा रहता है,

सांसे मेरी कुछ उलझी उलझी रहती हैं,


गर ये खामोश हवा तुम तक पहुचे,

तो मेरी तन्हाइयों के पैगाम पहुचाएं ।