शिखाओं को छूकर जो आती है वो है हवा,

बर्फ को पिघलाकर जो आती है वो है हवा,

झरनों से उतरकर जो आती है वो है हवा,

नदियों में जो तरंग छेड़ देती है वो है हवा,

समंदरों से तैरकर जो आती है वो है हवा,

पेड़ों और पौधों को जो लहरा देती है वो है हवा,

अपने आप में जो शंखनाद करती है वो है हवा,

जो अद्भुत लीलाएं दिखाती है वो है हवा,

स्थिर वस्तुओं को गतिमान कर दे वो है हवा,

शाखों से भी जो नृत्य करवा दे वो है हवा,

परिंदों को जो हौंसला देती है वो है हवा,

किताबों के पन्नों पन्नों को पढ़ ले वो है हवा,

बिना पिये ही जो मदहोश कर दे वो है हवा,

तीनों लोकों में जो जान भरती है वो है हवा ।