विषय - प्रिय विश्वास


"प्रिय विश्वास तुमने साथ जिसका निभा डाला ,

छोटे छोटे पत्थर क्या है उसने पहाड़ तक तोड़ डाला ,


प्रिय विश्वास तुमने कटे पैरों को भी साहस दिया ,

फतेह कर दिया उसने एवरेस्ट और राष्ट्रीय ध्वज को लहरा डाला ,


कटे हुए परों को लेकर इक पक्षी ने आसमान को भी छू डाला,

प्रिय विश्वास तुम्हारे बारे में क्या कहूं तुम्हारा है जग में बोलबाला,


प्रिय विश्वास तुम्हारे बारे में कहना इतना आसान नहीं किसी ने इतिहास रचा तो किसी ने लिख डाला,

गर प्रिय विश्वास तुम्हारा साथ मिला तो जो चाहा उसे कर डाला,


प्रिय विश्वास तुम्हारा साथ पाकर कोई बना सिकंदर तो किसी ने मधुबाला ही लिख डाला,

प्रिय विश्वास तुम्हारे बारे में क्या कहूं तुम्हारा है जग में बोलबाला ।"