"मेहनत थोड़ी भारी है धरती को सजाने की अब हमारी जिम्मेदारी है,

जन जन का जीवन है पौधा अब इसे बचाने की हमारी बारी है,


कदम दर कदम बढ़ना होगा काटे जो पेड़ उनसे लड़ना होगा ,

कितना देगा सांस सिलेंडर ऐसे वातावरण को अब बदलना होगा,


बदल रहा जमाना बदल जाए हमें पेड़ों का सहारा लेकर चलना होगा,

बेजान नहीं ये इनमें भी जान है अब इनके लिए कुछ करना होगा ,


बद अंजाम होने से पहले पर्यावरण को सुरक्षित करना होगा,

सारा जीवन समर्पित ही सही पर धरती को स्वर्ग करना होगा ।"