"मां का कोई दिन नहीं हर पहर हर लम्हा होता है,
खुद से ज्यादा जो प्यार करे उसका नाम मां होता है,
चेहरा देखकर जो इच्छाओं को जान ले उसका नाम मां होता है,
देती है सदा दुवायें क्या ऐसा भगवान होता है,
मां है तो हमने धरती देखी रंग देखी रूप देखी दुनिया देखी,
लूटा दूं सौ जन्म मेरी मां पर उसने मेरे सपनों का सम्मान किया,
पकड़ने के लिए अंगुली और रहने के लिए गोद मेरे नाम किया,
मां ही है जो मेरी खुशियों खातिर लाखों दुख सह जाती है,
जन्म लेते ही वह नजरों से होकर हृदय में बस जाती है,
मां वो है जिसकी दुआएं वरदान बन जाती हैं,
गर्व से कहता हूं मेरी मां ने मुझे दुनिया दिखाई है,
मेरे सुख की खातिर मां भगवान का किरदार निभाई है ।"


