मैं बनाता मैं ही खाता,
स्वाद खुद से पूछता हूँ,
हाल-ए-दिल न पूछिये जी,
सिसकन भरी अब रात रात है,
हो थकावट दूर गर तो सुनहरी बात हो ।


मैं बनाता मैं ही खाता,
स्वाद खुद से पूछता हूँ,
हाल-ए-दिल न पूछिये जी,
सिसकन भरी अब रात रात है,
हो थकावट दूर गर तो सुनहरी बात हो ।