नजरों के तीर से यूं, वार न करो

बीमार हु बीमार मैं, शिकार न करो


चल न सको साथ तो मुझे, बेकार न करो

चोट लगती है मुझे नजरों से, बौछार न करो


करता हूं प्यार तुमसे, तुम उधार न करो

मैं हद में हुं खुद के, तुम हद यूं पार न करो ।