कभी सुन लो उस दिल की जो तुम्हारे सीने में दिल बनकर धड़कता है 

न रुकता है न डरता है बस तुम्हारे तड़पन से ही थकता है, खुशियाँ है जरुरत इसकी यह तुम्हें जिंदा रखने के लिए धड़कता है ।